श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की प्राइवेट परीक्षाओं में बृहस्पतिवार को उस वक्त हंगामा हो गया जब पेपर देखकर छात्र चकरा गए। उन्होंने कहा कि जो पेपर एक दिन बाद होना था वह उन्हें दे दिया गया। इस समस्या को लेकर एसजीआरआर, एमकेपी और साईं इंस्टीट्यूट में छात्रों ने परीक्षा छोड़कर हंगामा किया। उधर, विश्वविद्यालय का कहना है कि परीक्षा अपने पैटर्न, सिलेबस और टाइमटेबल के हिसाब से कराई गई है।
बृहस्पतिवार को बीकॉम द्वितीय वर्ष का कारपोरेट अकाउंटिंग का पेपर था। एसजीआरआर पीजी कॉलेज, एमकेपी पीजी कॉलेज और साईं इंस्टीट्यूट में जैसे ही छात्रों के हाथ में यह पेपर आया तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कोस्ट अकाउंटिंग के पेपर की जगह विवि ने गलत पेपर भेज दिया।
परीक्षा केंद्र संचालकों ने मामले की सूचना विवि को दी। विवि ने अपने स्तर पर जांच की तो पाया कि केवल प्राइवेट छात्रों को ही इससे समस्या थी। रेगुलर बीकॉम वाले छात्रों का कहना था कि उन्हें पेपर से कोई आपत्ति नहीं है।
कुलपति ने बताया सिलेबस से ही पेपर
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने जांच करने के बाद बताया कि उन्होंने जो टाइम टेबल जारी किया था और उनका जो सिलेबस विवि की वेबसाइट पर अपलोड है, उसके मुताबिक परीक्षा कराई गई है।
फिर भी उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को आपत्ति है, अगर वह लिखकर देंगे तो उनकी मांग पर विचार किया जाएगा। इसके बाद छात्रों ने संबंधित परीक्षा केंद्र के माध्यम से अपनी शिकायत विवि को भेज दी और परीक्षा छोड़कर चले गए।
मॉडल पेपर बना मुसीबत
दरअसल, श्रीदेव सुमन विवि की प्राइवेट परीक्षाओं में ज्यादातर छात्र मॉडल पेपर से पढ़ाई करते हैं। बाजार में श्रीदेव सुमन विवि के अलग से कोई मॉडल पेपर उपलब्ध नहीं हैं। लिहाजा, गढ़वाल विवि के सिलेबस पर आधारित मॉडल पेपर से छात्र तैयारी करके परीक्षा देते हैं। इससे ही उन्हें कंफ्यूजन हुआ और परीक्षा छोड़नी पड़ी।