उत्तराखंड में प्राइवेट परीक्षाओं के लिए यह आखिरी साल होने जा रहा है। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय की प्राइवेट परीक्षाएं सरकार ने अगले सत्र से खत्म कर दी हैं। इस साल आखिरी बार प्राइवेट परीक्षाएं होंगी।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को नए सत्र से ऐसे छात्रों की डिस्टेंस मोड में परीक्षाएं कराने का आदेश जारी हो गया है। लंबे समय से मुक्त विवि यह मांग करता आ रहा है। प्रदेश में अभी तक दो विश्वविद्यालयों में हर साल दो लाख से ज्यादा छात्र प्राइवेट बीए, बीकॉम और एमए, एमकॉम की परीक्षा देते हैं।
यूजीसी के दिशा निर्देशों में प्राइवेट परीक्षा नहीं
यूजीसी
चूंकि राज्य के विश्वविद्यालयों की विधियों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा निर्देशों में प्राइवेट परीक्षाओं के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। केवल मुक्त शिक्षा की ही व्यवस्था है।
लिहाजा, लंबे समय से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय प्राइवेट परीक्षाएं बंद कराकर केवल डिस्टेंस मोड में एग्जाम कराने की मांग कर रहा था। राजभवन ने भी कई बार इस संबंध में सरकार को दिशा निर्देश जारी किए थे, लेकिन श्रीदेव सुमन विवि और कुमाऊं विवि ने इन परीक्षाओं को अपने लिए राजस्व बढ़ाने वाली बताते हुए बजट उपलब्ध कराने की शर्त रखी थी।
अपर सचिव नितिन भदौरिया की ओर से जारी शासनादेश में प्राइवेट परीक्षाएं अगले सत्र से खत्म कर दी गई हैं। इसमें कहीं भी बजट को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
साल दर साल खत्म होंगी प्राइवेट परीक्षाएं
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इस साल आखिरी बार प्रदेश में प्राइवेट परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। श्रीदेव सुमन विवि और कुमाऊं विवि इस साल बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की प्राइवेट परीक्षाएं कराएंगे।
अगले साल केवल द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा होंगी। उससे अगले साल केवल तृतीय वर्ष की प्राइवेट परीक्षाएं होंगी और इसके बाद कोई प्राइवेट परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।