प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिलों पर सरकार ने अपना फैसला पलट दिया है। अब पिछले वर्ष की तरह इस साल भी केवल सरकारी कोटे की सीटों की काउंसलिंग ही सरकार कराएगी। हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट को अलग और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज व डेंटल कॉलेजों को अलग नीट काउंसलिंग करने की छूट दे दी गई है।
बीते सप्ताह चिकित्सा शिक्षा मंत्री दिनेश धनै ने समीक्षा बैठक में तय किया था कि सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिलों के लिए सेंट्रलाइज काउंसलिंग कराई जाएगी। इससे पहले कि इस फैसले पर अमल शुरू होता, हिमालयन इंस्टीट्यूट ने बैठक के अगले ही दिन अलग काउंसलिंग के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
हिमालयन इंस्टीट्यूट का पक्ष था कि चूंकि वह स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी का हिस्सा हैं, लिहाजा एक्ट के मुताबिक अपने स्तर पर दाखिलों के लिए स्वतंत्र हैं। मामले की फाइल सीएम हरीश रावत तक पहुंची। वहां से निजी मेडिकल कॉलेजों की मुंह मांगी मुराद पूरी हो गई।