एमबीबीएस और बीडीएस दाखिलों की कॉमन प्रवेश परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(नीट) में पहली बार लागू किया गया केवल तीन प्रयासों का नियम बदल दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद सीबीएसई ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। इससे देशभर के उन लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो कि तीन बार नेशनल एग्जाम देने की वजह से नीट से बाहर हो गए थे।
इस बार सीबीएसई ने नीट के नोटिफिकेशन में साफ किया था कि जो छात्र नीट 2017 से पहले तीन बार नीट या एआईपीएमटी में शामिल हो चुके हैं, वह इस एग्जाम में शामिल नहीं हो पाएंगे। 12वीं के बाद हर छात्र को केवल तीन बार ही नीट में बैठने का मौका मिलेगा।
इस फैसले से देशभर में विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से स्पष्टीकरण मांगा। एमसीआई की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर सीबीएसई ने शुक्रवार को यह सूचना जारी कर दी कि नीट 2017 को पहला अटेम्प्ट माना जाएगा।
इस साल एग्जाम देने वाले छात्र तीन बार इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले मेडिकल की प्रवेश परीक्षा दे चुके छात्रों का प्रयास काउंट नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद देशभर के उन लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो कि नियम की वजह से नीट से बाहर हो गए थे।
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