प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट जैसे नामी संस्थानों का भ्रमण करेंगे। सरकार का मकसद स्कूली छात्रों को कॅरियर के प्रति अवेयर करने के साथ ही नामी संस्थानों तक उनका सफर आसान बनाना है। इसके अलावा शिक्षा महकमे के 200 सरकारी स्कूलों में इस साल छह ट्रेड में वोकेशनल कोर्स संचालित किए जाएंगे।
बुधवार को सचिवालय में शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की राज्य स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। इसमें बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उनका स्किल डेवलपमेंट करने पर भी जोर दिया गया। बताया गया कि प्रदेश के 200 स्कूलों में इस साल वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स संचालित किए जाएंगे।
वर्ष 2013-14 में 2011, 2014-15 में 33, 2015-16 में 36 और इस साल 120 नए विद्यालय इसमें जोड़े गए हैं। डी सेंथिल पांडियन ने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों का भ्रमण कराकर उन्हें अच्छी शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, एनआईटी के डीन डा. नवजोत सिंह, रमसा की अपर परियोजना निदेशक शशि चौधरी, बाल विज्ञान कांग्रेस के एके पंत, रंजना वर्मा, अत्रेश सयाना, बीपी नवानी, डा. अंजू अग्रवाल, अरुण बिष्ट, एमएम जोशी, सुनील भट्ट, सीआईआई निदेशक विभा मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।
बनाई जाएगी कॅरियर गाइडेंस सेल, छह ट्रेड में चलेंगे कोर्स
छात्र
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शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने बताया कि विद्यालयों में कॅरियर गाइडेंस सेल बनाई जाएगी। यह सेल राज्य, जिला और स्कूल स्तर पर अलग-अलग काम करेगी। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा स्किल्ड बनाने की जरूरत है, ताकि उद्योगों में एंट्री करने में उन्हें दिक्कत न हो।
स्किल डेवलपमेंट के तहत सिलेबस में बदलाव के निर्देश
शिक्षा सचिव ने एससीईआरटी की निदेशक सीमा जौनसारी को स्किल डेवलपमेंट के तहत सिलेबस में बदलाव करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की स्किल डेवलपमेंट काउंसिल से अनुमति मिल चुकी है, लिहाजा स्किल डेवलपमेंट के तहत स्कूल स्तर तक काम किया जाएगा। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत केंद्र सरकार से 357.68 लाख रुपये का बजट मिला है।
बच्चों को यह ट्रेड सिखाई जाएंगी
आईटी, ऑटोमोबाइल, रिटेल, हेल्थ केयर, टूरिज्म, ब्यूटी एंड वेलनेस।
शिक्षकों को अपडेट करना जरूरी
बैठक में यह भी बताया गया कि रमसा और एसएसए के तहत चल रहे प्रशिक्षण का विश्लेषण करने पर पता चला है कि कई शिक्षक अपने काम में फेल हैं। लिहाजा, शिक्षकों को अपडेट करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्हें नई तकनीकी के साथ बच्चों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।