श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने पहली बार बीएड कॉलेजों की मनमानी पर शिकंजा कसते हुए 51 छात्रों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन छात्रों के दाखिले संबद्ध बीएड कॉलेजों ने नियम विरुद्ध किए थे।
श्रीदेव सुमन विवि ने बीएड सत्र 2015-17 की परीक्षाओं से ठीक पहले करीब 21 संबद्ध बीएड कॉलेजों की मनमानी पर शिकंजा कसा। इसके तहत सभी कॉलेजों में हुई दाखिलों की गड़बड़ी पर कॉलेजों को एडमिशन रद्द करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
इनमें से जिन छात्रों के प्रमाण पत्र नहीं थे, उन्हें तो प्रमाण पत्रों के आधार पर विवि ने बीएड परीक्षा में बैठने का मौका दे दिया लेकिन जिन 51 छात्रों का एडमिशन ही नियम विरुद्ध था, उन्हें विवि ने परीक्षा से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कॉलेजों ने विवि को 1477 छात्रों की सूची दी थी, जिनमें से अब 1426 छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
विवि के कुलपति डा. उदय सिंह रावत का कहना है कि एक्ट और नियमों के हिसाब से जो एडमिशन किया जाएगा, केवल उन्हीं छात्रों को एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा। उन्होंने कॉलेजों को चेताया है कि वह भविष्य में नियमों का खास ख्याल रखें। अगर गड़बड़ी हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध बीएड कॉलेज लंबे समय से विवादों में रहे हैं। कई साल से गलत दाखिलों पर शासन के आदेश पर एग्जाम कराए जाते रहे हैं। इस साल विवि ने पहली बार सख्त रुख अपनाया है।