हरबर्टपुर में छापेमारी अभियान के दौरान क्लीनिक को सीज करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाते हुए हरबर्टपुर में बिना मानकों के संचालित हो रहे मजूमदार बंगाली क्लीनिक को सीज कर दिया। टीम को आता देख क्लीनिक संचालक फरार हो गया। विभाग ने मामले में रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई को उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में झोलाछाप द्वारा क्लीनिक संचालन की शिकायत मिल रही थी। जिस पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएचसी प्रभारी डॉ. केके शर्मा के नेतृत्व में हबरर्टपुर क्षेत्र में अभियान चलाया। अभियान की सूचना मिलते ही बिना डिग्री अस्पताल और क्लीनिक संचालित करने वाले झोलाछाप क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गए। टीम ने हरबर्टपुर स्थित विकासनगर रोड पर मजमूदार बंगाली क्लीनिक में छापा मारा तो वहां अंदर का नजारा देख स्वास्थ्य विभाग की टीम हैरत में पड़ गई। डॉ. केके शर्मा ने बताया कि क्लीनिक के अंदर ऑपरेशन थियेटर बनाने के साथ ही बिस्तर, ड्रिप चढ़ाने का स्टैंड, इंजेक्शन, दवाइयां उपलब्ध थीं। संबंधित डॉक्टर की डिग्री के बारे में सवाल करने पर वहां मौजूद स्टॉफ कोई जवाब नहीं दे सका। जिस पर टीम ने क्लीनिक को सीज कर दिया। बताया कि क्लीनिक में क्लीनिकल स्टेबलिसमेंट एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए मेडिकल कूड़े को भी सीधे पालिका के कूड़ा वाहन में डाला जा रहा था। टीम में नायब तहसीलदार पंचम सिंह नेगी, डॉ. विजय सिंह आदि मौजूद रहे।