इस तकनीक से यदि किसी घुसपैठिए की फोटो खिंचती है तो वह एक कैमरे से दूसरे कैमरे में होकर संबंधित जोन के रेंजर तक पहुंच जाएगी। सभी कैमरे संबंधित जोन के रेंजर या वन चौकी से संचालित होंगे। यह व्यवस्था कालागढ़, झिरना के उन स्थानों पर होगी, जहां पर सिग्नल नहीं आते हैं। जिन इलाकों में नेटवर्क रहेगा, वहां जीएसएम कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे।
झिरना, कालागढ़ जोन में पी2पी, जीएसएम कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। जंगल में घुसपैठ करने वाले तस्करों की फोटो तत्काल खिंचकर संबंधित जोन के रेंजर के पास पहुंचेगी। इससे संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन विभाग कार्रवाई कर सकेगा।
- अमित वर्मा, उप निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर।