कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश हुए। वहीं अन्य गैरहाजिर मंत्रियों ने कोर्ट से माफी मांगी। जानिए क्या है मामला...
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस से मारपीट के मामले में सोमवार को आरोप-पत्र पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अन्य आरोपियों के न पहुंचने पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 जुलाई दी है। वहीं गैरहाजिर रहने वाले नेताओं ने न्यायालय से हाजिरी माफी मांगी है।
गौरतलब है कि 20 दिसंबर 2009 को तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मंत्री हरक सिंह रावत की अगुवाई में विधानसभा का घेराव कर हंगामा किया गया था। आरोप है कि इस दौरान नेताओं ने पुलिस के साथ अभद्रता और मारपीट भी की थी।इस संबंध में नेहरू कॉलोनी थाने में हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, शंकर चंद्र रमोला, संग्राम सिंह पुंडीर, विनोद रावत, शिवेश बहुगुणा सहित कई अन्य पर मुकदमा दर्ज किया गया था।