बजट सत्र को लेकर मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में शामिल होने वाले तीन वरिष्ठ मंत्री इंदिरा ह्दयेश, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह दिल्ली में डेला डाले हैं।
बैठक को लेकर भी संशय
नेतृत्व परिवर्तन के कयासों के बीच देर रात तक बैठक को लेकर भी संशय बना रहा। बैठक का एजेंडा देर रात तक अन्य मंत्रियों तक भी नहीं पहुंचा था। हालांकि आलाधिकारी बजट से संबंधित इस कैबिनेट की तैयारियों में जुटे हुए थे। मुख्य सचिव कार्यालय में सभी विभागों से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे थे।
अगर कैबिनेट की बैठक होती है तो उसमें सभी विभागों केसालाना प्रस्तावित बजट पर चर्चा होनी है। अगले वित्तीय वर्ष में विभागों की कौन सी योजनाएं हैं और उसके लिए कितना बजट स्वीकृत होना है इसका फैसला भी कैबिनेट में होना है।
कैबिनेट की बैठक नर्सों से संबंधित अहम फैसला भी एजेंडे का हिस्सा है। जिसमें नर्सों के संवर्ग का ढांचा तैयार करने और नर्सिंग भत्ते पर मुहर लग सकती है।
कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है
विश्वविद्यालयों व कालेजों में खाली पड़े पदों को सेवानिवृत्त शिक्षकों से भरे जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
सरकार ने कम से कम एक साल की भर्ती केलिए राज्य केबाहर केशिक्षकों को भी शामिल करने का फैसला लिया है। देश का कोई भी सेवानिवृत्त शिक्षक यहां के कालेजों में पढ़ा सकेगा।
जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को सुगम इलाकों में ही मौका दिया जाएगा। जबकि लोकसेवा आयोग से भर्ती होने वाले नए शिक्षकों को दुर्गम इलाकों में तैनात किया जाएगा।