देहरादून स्थित एसएसपी बंगले की बेशकीमती दस हजार वर्ग मीटर जमीन के मामले में रसूखदार अफसरों व भू-माफियाओं की मंशा फिलहाल पूरी नहीं होगी।
शासन के आदेश को कैबिनेट ने किया निरस्त
31 दिसम्बर तक बंगला खाली कराने के शासन के आदेश को कैबिनेट ने निरस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जमीन का प्रयोग एसएसपी की कोठी के रूप में ना करके कॉमर्शियल यूज होगा और इसके लिए सिडकुल व एमडीडीए रास्ते तलाशेंगे।
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विगत दिवस शासन ने डीजीपी को चिट्ठी भेजकर एसएसपी बंगला 31 दिसम्बर तक खाली करने के आदेश दिए थे। इसके लिए कोर्ट में चल रहे वाद का हवाला दिया गया। इस मामले में आगामी छह जनवरी को सरकार को सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना है।
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हलफनामे में केवल विकल्प बताना था कि जमीन को सरकार अधिग्रहित करेगी या फिर खाली करेगी। लेकिन कुछ रसूखदार अफसरों ने सरकार को सारा मामला अपने हिसाब से समझाया। इसके बाद बंगला खाली करने का फरमान जारी हो गया।
अंदरखाने विरोध भी झेलना पड़ा
इस निर्णय को लेकर सरकार की खूब फजीहत हुई और दिन भर अंदरखाने विरोध भी झेलना पड़ा। सरकार की फजीहत हुई तो बैकफुट पर आने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। इसलिए दोपहर को मुख्य सचिव ने प्रमुख गृह व डीजीपी को बुलाकर विचार विमर्श किया।
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मीडिया में प्रकाशित खबरों के चलते सुबह ही यह संकेत मिल गया था कि मामले को कैबिनेट में रखकर डायवर्ट करना है। इसके बाद कैबिनेट में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और अंतत: यही फैसला हुआ कि अभी एसएसपी की कोठी खाली नहीं होगी।
फिलहाल सिडकुल व एमडीडीए को इस जमीन के कॉमर्शियल यूज की संभावना तलाशने का जिम्मा दिया गया है।