सब्सिडी के लिए इतना पूंजी निवेश जरूरी होगा
| सेक्टर |
मैदान |
पहाड़ |
| स्वास्थ्य |
200 |
25 |
| आतिथ्य |
200 |
100 |
| वेलनेस रिजार्ट्स |
100 |
50 |
| आयुर्वेद योगा सेंटर |
50 |
25 |
| स्कूल |
50 |
25 |
| कॉलेज |
100 |
50 |
| विवि |
200 |
100 |
| फिल्म व मीडिया |
100 |
50 |
| खेल/ अकादमी |
25 |
15 |
| आईटी व आईटी |
100 |
50 |
| आईटी डेटा सेंटर |
100 |
50 |
नोटः ( राशि करोड़ में)
पर्वतीय क्षेत्र: पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी के अलावा देहरादून व नैनीताल का समुद्र तल से 650 मीटर ऊंचाई वाले क्षेत्र।
मैदानी क्षेत्र: देहरादून नैनीताल के समुद्र तल से 650 मीटर नीचे वाले क्षेत्रों के अलावा हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर।
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यह मिलेगी रियायतें
कैपिटल सब्सिडी : निर्धारित मानकों के हिसाब से निवेश करने वालों को पूंजीगत निवेश में 25 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। सरकार इसे या तो पांच किश्तों या फिर दो किश्तों में उपलब्ध कराएगी।
भूमि: सरकार अपनी जमीन इन प्रोजेक्ट के लिए 90 साल की लीज पर दे सकेगी। जिसकी दरें सर्किल रेट के हिसाब से होंगी। सरकार नेशनल लैंड सब्सिडी के तहत परियोजना की लागत की 25 प्रतिशत तक छूट भी दे सकती है।