भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को संसद की स्थाई रक्षा समिति व निशंक को आश्वासन समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब केंद्रीय कैबिनेट बर्थ पाने के लिए दूसरों के रास्ते खुल गए हैं।
उम्र सीमा के फार्मूले के चलते खंडूड़ी बाहर
हालांकि उम्र सीमा के फार्मूले के चलते खंडूड़ी को तो पहले ही बाहर माना जा रहा था लेकिन निशंक दौड़ में थे। मगर अब कैबिनेट बर्थ के लिए कोश्यारी को ग्रीन सिगनल मिल सकता है।
हालांकि टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह भी दूसरी बार की सांसद है इसलिए उनका भी दावा बनता है। पौड़ी से भाजपा सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी स्थाई रक्षा समिति व हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक आश्वासन समिति के अध्यक्ष बन गए हैं।
चूंकि अब केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होना है, इसलिए दावेदारों की संख्या भी कम हो गई है। ऐसे में अब नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी केंद्रीय कैबिनेट में स्थान पाने वाले अकेले कद्दावर रह गए है।
हालांकि पहले से ही उम्र के लिहाज से 75 साल पूरे करने वालों को कैबिनेट में नहीं रखना तय हो गया था, उसी फार्मूले की जद में कई बड़े धुरंधर भी आ गए। लेकिन उत्तराखंड से बार बार बीसी खंडू़ड़ी का नाम लिया जा रहा था।
जैसे ही केंद्र सरकार ने उन्हें रक्षा मालमों की स्थाई समिति का चेयरमैन नियुक्त किया और निशंक को आश्वासन समिति की कमान मिली तो भगतदा की राह आसान मानी जा रही है। हालांकि टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह का भी दावा बनता है।