दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर उत्तराखंड हल्द्वानी की महिलाओं ने भी आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ सैकड़ों महिलाएं बुधवार को ताज चौराहे पर धरने पर बैठ गईं।
उन्होंने केंद्र सरकार से सीएए और एनआरसी को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई। साथ ही संविधान और वतन की धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने का संकल्प लिया।
बनभूलपुरा में रात के समय बैठक होने के बाद बुधवार की सुबह महिलाएं एनआरसी और सीएए के खिलाफ नारा लगाते हुए ताज चौराहे पर धरने पर बैठ गईं। वे हाथों में सीएए और एनआरसी के विरोध की तख्तियां लहरा रहीं थीं।
पुलिस भी अचानक हुए आंदोलन को देखते ही घबरा गई। महिलाएं सीएए को काला कानून बताते हुए ढपली की थाप पर मोदी सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगी। आंदोलन का समर्थन करने के लिए कांग्रेस की पूर्व विधायक सरिता आर्या, अब्दुलमतीन सिद्दीकी जगदीश पांडे और रजनी जोशी चौराहे पर पहुंचे।