उन्होंने आईटीआई थाना क्षेत्र की सैनिक कॉलोनी में मकान बनाया है, जहां वह पत्नी गंगा देवी और मां बिशनी देवी (88) के साथ रहते हैं। उनके तीन बेटे राजेंद्र चौहान, कृपाल चौहान व कुलदीप चौहान बाहर नौकरी करते हैं। एसआई बिष्ट ने कहा कि सबसे छोटा बेटा रविंद्र चौहान देहरादून में कोचिंग कर रहा है। बेटी रेनू का चामुंडा विहार कालोनी में मकान बन रहा है।
एसआई बिष्ट ने बताया कि खीम सिंह की मां बिशनी देवी कैंसर पीड़ित हैं। बुधवार दोपहर रेनू भाई रविंद्र के साथ निर्माणाधीन मकान पर गई थी और मां गंगा देवी विवाह समारोह में गई थी। रेनू की बेटी पूजा स्कूल से लौटकर मां के पास पहुंच गई। अपराह्न करीब तीन बजे वहां से तीनों घर लौटे तो मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। रेनू ने दरवाजा खुलवाने के लिए कई बार घंटी बजाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
उसने पूजा को दीवार के सहारे घर में पहुंचाकर दरबाजा खुलवाया। रेनू और रविंद्र अंदर गए तो वहां का नजारा देखकर सब स्तब्ध रह गए। एसआई बिष्ट ने बताया कि बेडरूम से आंगन और रसोई तक खून फैला हुआ था। बेडरूम में खीम सिंह चौहान और उनकी मां बिशनी देवी खून से लथपथ पड़े थे। मौके पर खून से सना चाकू और ब्लेड बरामद हुआ है। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया,जहां आईसीयू में दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खीम सिंह की ओर से यह वारदात झुंझलाहट में करने की बात कही जा रही है। एसआई बिष्ट ने बताया कि खीम सिंह की मां बिश्नी देवी आंख के कैंसर से पीड़ित हैं। उनका उपचार चल रहा है।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक मां बिश्नी देवी दवा खाने को लेकर काफी परेशान करती थी। दवा को लेकर अक्सर मां-बेटे के बीच कहासुनी होती रहती थी। मां को दवा खिलाने के लिए खीम सिंह को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी।
कयास लगाया जा रहा है कि वारदात से पहले दवा को लेकर मां-बेटे के बीच नोकझोंक हुई होगी। झुंझलाहट में खीम सिंह ने अपनी मां को चाकू मारकर खुद भी अपना गला ब्लेड से काट लिया होगा। मौके पर पहुंचे एसआई मदन सिंह बिष्ट ने घटना के बारे में परिवार के सदस्यों से जानकारी ली।