पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि इसी बीच पुलिस को खबर मिली कि कुछ बाहरी व्यक्ति शहर का माहौल खराब करने को आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेकर एसओ वसंत विहार नत्थीलाल उनियाल को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया। उधर से दूसरे संप्रदाय के लोगों ने इस तरह के दुष्प्रचार पर विरोध जताया।
एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि पुलिस ने आरोपी अपूर्व मालवीय और अंगद यादव को शांति भंग करने के आरोप में पकड़ लिया। दोनों को मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जमानत की शर्त पूरी नहीं होने के कारण दोनों को सुद्दोवाला जेल भेज दिया गया है। एसओ उनियाल ने बताया कि दोनों के पास से कोई आईडी भी नहीं मिली है। पता चला है कि दोनों नेहरू कालोनी क्षेत्र में कुछ युवकाें के पास ठहरे हुए थे।
जन हस्तक्षेप बैनर तले मंगलवार को उत्तराखंड महिला मंच, चेतना आंदोलन, जन संवाद समिति आदि ने गांधी पार्क में सीएए के विरोध में धरने पर बैठे लोगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। साथ ही दिल्ली के दंगों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस दौरान दंगे के लिए जिम्मेदार नेताओं और संगठनों पर कार्रवाई की मांग की गई। धरने को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव समर भंडारी, भारतीय नेशनल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, जोत सिंह बिष्ट, राजेंद्र भंडारी, याकूब सिद्दीकी, उक्रांद से लताफत, राकेश पंत ने संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तराखंड महिला मंच से कमला पंत, निर्मला बिष्ट, चेतना आंदोलन से शंकर गोपाल, परिवर्तनकामी छात्र संगठन से कैलाश, अश्विनी त्यागी, अशोक कुमार, पप्पू कुमार, सुनीता देवी आदि मौजूद रहीं।
होली में आपसी-भाईचारा बना रहे और कोई अनहोनी न हो इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने सीएए के विरोध में चल रहे धरने को 13 मार्च तक स्थगित करा दिया है। 13 के बाद मुस्लिम संगठन पूर्व की भांति परेड ग्राउंड में धरना शुरू करेंगे।
सीएए व एनआरसी के विरोध में मुस्लिम संगठन 27 जनवरी से परेड ग्राउंड में धरना दे रहे थे। दिल्ली में हुए उपद्रव और होली को देखते हुए पुलिस और प्रशासन आंदोलनकारियों पर धरना स्थगित करने का दबाव बना रहा था। सोमवार रात को भी पुलिस ने धरना स्थल पहुंच कर धरना समाप्त करने के लिए कहा था, लेकिन सफल नहीं हो पाई।
इसके बाद मंगलवार को दोबारा पुलिस और प्रशासन ने आंदोलनकारियों से बात कर होली के त्योहार के मद्देनजर धरना स्थगित करने को कहा था।
इसके बाद मुस्लिम संगठनों ने धरना स्थल पर प्रेसवार्ता कर अगले एक-दो दिन में धरना स्थगित करने निर्णय लिया था, लेकिन पुलिस और प्रशासन आज ही धरना स्थगित करने का दबाव बनाया जाता रहा। दोपहर में इस संबंध में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच गहमागहमी भी हुई थी, लेकिन अंत में पुलिस और प्रशासन धरना स्थगित करवाने में सफल रहा।
देर शाम एसपी सिटी श्वेता चौबे और सिटी मजिस्ट्रेट अनुराधा पाल ने धरना स्थल पहुंचकर धरना स्थगित करवाया। धरने की संचालिका एडवोकेट रजिया बेग ने कहा कि 13 मार्च तक धरना स्थगित रहेगा। इसके बाद पूर्व की भांति नियमित रूप से धरना को शुरू कर दिया जाएगा।