पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णन ने कहा कि सरकार ने सोची समझी नीति के तहत इस काले कानून को देश की जनता के ऊपर थोपा है। उन्होंने कहा कि यह कानून धर्मनिरपेक्षता व संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत है। इस दौरान जनगीत गाकर सभी को एकजुट होने का आह्वान किया गया।
एसएफआई की राज्य कमेटी ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा, सचिव हिमांशु चौहान, सुप्रिया भंडारी, शैलेंद्र, अफसीन, हितेश, मनोज, नासिर, अनंत, आकाश, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लेखराज, रजिया बेग, नवीन कुरैशी, आसिफ हुसैन, मुददमीन, जावेद खान, रईस अहमद, दानिश कुरैशी, रईस फातिमा सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद थे।