रेलकर्मियों की यूनियन ने रेल बजट को मायूस करने वाला बताया है। उत्तराखंड के नजरिए से देखें तो रेल बजट से यहां के लिए कुछ खास नहीं मिला। बजट में उत्तराखंड के लिए न नई परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए उल्लेख है और न नई ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर स्थिति स्पष्ट की है।
बोले पदाधिकारी
रेलकर्मियों के न्यूनतम वेतन बढ़ाने पर कोई चर्चा बजट में नहीं है। पुरानी पेंशन पर कमेटी बनाने की बात कर इसे टालने की कोशिश हुई है।
-उग्रसेन सिंह, शाखा अध्यक्ष नार्दर्न रेलवे मैंस यूनियन
रेलवे को कुछ नहीं मिला है। उत्तराखंड के लिहाज से किसी नई परियोजना या नई ट्रेन चलाने पर बात नहीं हुई है। यात्रियों को भी अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।
-राजेंद्र सिंह गुसाई, शाखा सचिव नार्दर्न रेलवे मैंस यूनियन
बजट में कर्मचारियों को कुछ खास नहीं दिया है। देहरादून को भी नया कुछ नहीं मिला है। नई ट्रेनें मिलने की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई।
-जीके श्रीवास्तव, शाखा सचिव उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन
तेजस जैसी ट्रेनें चलाने की बात हुई है, लेकिन पीपीपी मोड पर संचालन ठीक नहीं है। यह ट्रेनों के साथ ही रेलयात्रियों के जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।
-करतार सिंह पूर्व रेल अधिकारी