वोट बंटने की उम्मीद और बंटोरने की रणनीति
2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही भाजपा 23 हारी हुईं सीटों पर अपना वोट बैंक बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इन हारी हुईं सीटों में मंगलौर भी शामिल है। मंगलौर में पार्टी ने सभी बूथों पर अपनी कमेटियां बनाई हैं। पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी कहते हैं, हमारी बूथ कमेटियों में मुस्लिम वर्ग के कार्यकर्ता भी हैं। वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा की विचारधारा से जोड़ने के लिए पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। चुनाव में इसके सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। जानकारों का मानना है कि भाजपा इस सीट पर बसपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच मुस्लिम वोटों के बंटने की उम्मीद कर रही है। उसे उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से प्रभावित होकर बाकी वोट उसकी झोली में आ गिरेंगे।
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संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर असहज
उपचुनाव में कांग्रेस और बसपा प्रत्याशी संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा को असहज कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार इन दोनों मुद्दों पर विपक्ष भ्रम और झूठ का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है। हम मतदाताओं के बीच जाकर साफ कर रहे हैं कि न तो संविधान बदलने वाला है और न आरक्षण खत्म होने वाला है। सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। यह विपक्ष का झूठा प्रचार है।