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ग्राहक बेजार, वीरान बाजार

Thu, 11 Jul 2013 01:42 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
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शहर के व्यापारी अब आपदा के बाद बारिश का झटका झेल रहे हैं। ग्राहकों की बेजारी से बाजार वीरान पड़े हैं। न तो ज्वेलरी बाजार में रौनक है और न ही कपड़ा बाजार में।
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मिठाई व्यवसायी भी परेशानी में हैं। मानसून के प्रभावी होने के बावजूद छाता, बरसाती, प्लास्टिक कारोबार में भी अन्य वर्षों की अपेक्षा मंदा चल रहा है। करोड़ों का फटका लग चुका है। परेशान व्यापारियों को अब व्यवसाय में जान पड़ने का इंतजार है।

बाजार से ग्राहक नदारद
सबसे पहले बात दून के सराफा कारोबार की। इसे आपदा ने तो चोट पहुंचाई ही, अब बरसाती सीजन होने की वजह से बाजार से ग्राहक नदारद हैं। देहरादून सराफा मंडल के अध्यक्ष प्रवीण जैन बताते हैं कि आपदा से ज्यादा विकराल हालात अधिक बारिश की वजह से चल रहे हैं।
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ग्राहक बाजार में आने से कतरा रहे हैं। इस वक्त ज्यादातर जगह केवल ज्वेलरी मेकिंग, डिजाइनिंग का काम हो रहा है। इसे स्टोर किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में फायदा उठाया जा सके। बरसात के पिछले 10 दिन की बात करें तो तकरीबन 20 करोड़ रुपये का झटका कारोबार को लगा है।

पुराना स्टाक भी नहीं निकल पाया
बरसात की वजह से दून का कपड़ा कारोबार तकरीबन 50 फीसदी प्रभावित हुआ है। लगभग तीन दर्जन से अधिक थोक व्यापारी इन हालात से परेशान हैं। उन्हें व्यापार में बेहतरी का इंतजार हैं। उनकी मानें तो कुछ पुराना स्टाक भी नहीं निकल पाया था और अब हालात ऐसे हैं कि ग्राहकों को धरों से खींचना मुश्किल बना हुआ है।

वहीं रेनकोट, छाता का काम करने वाले इस सीजन में बीते सालों के मुकाबले 30 फीसदी का फर्क पड़ने का बात दोहरा रहे हैं। वह बरसात के साथ ही आपदा को इसके लिए जिम्मेदार करार दे रहे हैं।
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सीजन न होने से भी मुश्किल
इस वक्त बरसात केसाथ ही वैवाहिक सीजन न होने की वजह से थोड़ा मंदा है। इस सीजन में हमेशा इस तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
-विपिन बेरी, उत्तरांचल ज्वेलर्स एसोसिएशन

छोटे व्यवसायी ज्यादा परेशान
बरसात की वजह से छोटे व्यवसायियों पर खास तौर से फर्क पड़ा है। सीधे-सीधे कोई अनुमान लगाना मुश्किल है, फिर भी
लगभग आधे का फर्क तो पड़ा ही होगा।
-अंशुमान गुप्ता, कपड़ा व्यापारी, पलटन बाजार
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