देहरादून। हरिद्वार रोड स्थित रोडवेज के वर्कशॉप के बदले निगम को 300 करोड़ देने व आईएसबीटी बस अड्डे का संचालन परिवहन निगम को दिए जाने की मांग और सरकार की ओर से परिवहन निगम की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने का विरोध तेज हो गया है। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने विरोध स्वरूप शनिवार को आईएसबीटी सहित प्रदेशभर में एक घंटे बसों का संचालन बंद रखा और थाली व चम्मच बजाकर विरोध प्रदर्शन किया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार दोपहर देहरादून के सभी डिपो के यूनियन पदाधिकारी व सदस्य आईएसबीटी बस अड्डे पर एकत्रित हुए। वहां उन्होंने एक घंटे बस अड्डे को बंद रखा और सरकार की ओर से निगम विरोधी नीतियों के खिलाफ थाली व चम्मच बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार लगातार निगम विरोधी निर्णय ले रही है। स्मार्ट सिटी के तहत निगम की हरिद्वार रोड स्थित करोड़ों की भूमि को एमडीडीए को हस्तांतरित कर दी गई है। इसके एवज में मात्र कुछ करोड़ धनराशि निगम को दी गई है। इसके साथ ही सरकार के ऊपर निगम का 66 करोड़ रुपये देय है। हाईकोर्ट भी इसे निगम को देने के आदेश सरकार को दे चुकी है, लेकिन अभी तक निगम को यह धनराशि नहीं है। इससे निगम की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अगर सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती तो यूनियन आगे भी आंदोलन की रणनीति बनाएगी। इस दौरान विपिन चौधरी, योगेश शर्मा, कुलदीप चौधरी, हरेंद्र कुमार, प्रवीन सैनी, केपी सिंह, कृष्णपाल सिंह, अरविंद कटारिया, संदीप चौधरी, सत्येद्र तिवारी, विनय जोशी, प्रवीण कुमार, तेजवीर सिंह, सत्येंद्र कुमार, मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।
काले झंडों के साथ कार्यशाला में किया प्रदर्शन
देहरादून। उधर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के सदस्यों ने काले झंडों के साथ हरिद्वार रोड स्थित कार्यशाला व क्षेत्र कार्यशाला में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने डिपो कार्यशाला व क्षेत्र कार्यशाला की जमीन को कर्मचारियों एव संगठन की इच्छा के विपरीत दूसरे विभागों को आवंटित किया तो चक्काजाम किया जाएगा। इस दौरान परिषद के अध्यक्ष दिनेश गोसाईं, महामंत्री दिनेश पंत, प्रेम सिंह रावत, राम सिंह रावत, मनजीत सिंह, राकेश रावत, राजेश, राजेंद्र भंडारी सुनील बडोनी आदि मौजूद रहे।
इंप्लाइज यूनियन ने भी किया विरोध
देहरादून। परिवहन निगम की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कि ए जाने का उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने भी विरोध किया है। यूनियन के महामंत्री रवि नंदन कुमार ने कहा कि जल्द ही इसके लिए यूनियन राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जो कमेठी गठित की गई है, वह अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करे। सरकार बाजारी मूल्य के हिसाब से कार्यशाला की भूमि की कीमत निगम को दे और आईएसबीटी का संचालन का अधिकार भी परिवहन निगम को दे।