लोगों ने किसी तरह यात्रियों को बस से निकाला। सभी यात्रियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर नेहा (25) पुत्री तेज सिंह निवासी रामगढ़, हीरा देवी (40) पत्नी रमेश चंद्र निवासी लोशज्ञानी रामगढ़, रामगढ़ इंटर कॉलेज में कार्यरत डीडी शर्मा (52) पुत्र जयकिशन निवासी रामगढ़, बाल विकास परियोजना रामगढ़ में कार्यरत कुमुदलता (52) पत्नी कुंदन सिंह को सुशीला अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया। रोहित (12) पुत्र सुमित, मुन्नी देवी (45) पत्नी कुंदन सिंह, प्रेमा देवी (36) पत्नी नारायण सिंह निवासी रामगढ़ और दो लोगों को मामूली चोटें आईं हैं।
उन्हें सीएचसी रामगढ़ से इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। उधर, दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीओ भवाली आरएस नबियाल और कोतवाल उमेद सिंह दानू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नैनीताल से दुर्घटनास्थल की ओर 108 एंबुलेंस को रवाना किया।
पहले ही उतर गए सात यात्री
हल्द्वानी से जब बस चली तो बस में 18 यात्री सवार थे, लेकिन रामगढ़ से सड़क पर बर्फ की स्थिति देखकर सात यात्री पहले ही उतर गए। इस कारण वह दुर्घटना का शिकार होने से बच गए।
दुर्घटना सुबह 10.30 पर हुई, एंबुलेंस पहुंची दो बजे
दुर्घटना की सूचना मिलते ही लोगों ने 108 सेवा को फोन किया, मगर रामगढ़ में 108 सेवा खराब थी। बाद में चिकित्सा विभाग ने नैनीताल से 108 को दुर्घटनास्थल के लिए रवाना किया। इस कारण 108 दुर्घटना स्थल पर लगभग साढ़े तीन घंटे देरी से पहुंची। तब तक यहां से सभी यात्रियों को सीएचसी रामगढ़ पहुंचाया जा चुका था।
दोपहर तक गागर से आगे सड़क रही बंद
बर्फबारी के चलते दोपहर दो बजे तक रामगढ़ से आगे की सड़क छोटे-बड़े वाहनों के लिए बंद रही। सड़क पर इतनी बर्फ और फिसलन थी कि वाहनों का आगे बढ़ना संभव नहीं था, लेकिन इस बात की सूचना न तो प्रशासन और न लोक निर्माण विभाग को ही थी। दोपहर दो जेसीबी से मिट्टी डलवाकर सड़क को खुलवाया गया। उधर, सड़क बंद होने से रामगढ़ की आधी बाजार दोपहर तक बंद रही।