शहर के सभी प्रमुख सरकारी, गैर सरकारी स्कूल-कॉलेजों में मंगलवार को कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। स्कूली बच्चों के साथ ही शिक्षकों व सहायक स्टाफ ने भी कार्यक्रम देखा। एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, राबाइंका राजपुर रोड, सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल समेत कई अन्य स्कूल-कॉलेजों में बच्चों ने कार्यक्रम देखा।
करीब दो घंटे के कार्यक्रम को शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने बेहद उपयोगी बताया। छात्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेहद सरल ढंग से तनावमुक्त रहने के टिप्स दिए हैं, वह निश्चित तौर पर उनके लिए फायदेमंद साबित होंगे। शिक्षकों ने भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सराहना की।
मेडिकल छात्रों ने जाना तनाव नियंत्रण का तरीका
श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के सभागार में परीक्षा पे चर्चा का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जाना कि परीक्षा के दिनों में पढ़ाई व परीक्षा कक्ष के तनाव को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के बाद प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मेहता ने कहा कि छात्र-छात्राएं एक दूसरे साथ समन्वय बनाएं, एक दूसरे के सहयोगी बनें व तनाव को अपने तक सीमित न रखते हुए अपनी परेशानी को अपने सीनियर्स व गुरुजनों के साथ बांटें।
बच्चों ने देखी परीक्षा पे चर्चा
दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्रों ने भी ‘परीक्षा पे चर्चा’ लाइव देखी। इसके लिए विद्यालय के सभागार में एक बड़ी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी। यहां प्रधानाचार्य बीके सिंह, उप-प्रधानाचार्या शुभ्रा तिवारी पांडे के साथ-साथ अध्यापक और बच्चों ने इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रश्नों के जवाब तथा सुझाव दिए।
परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहें छात्र
गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को परीक्षा से संबंधी टिप्स दिए। प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहने के लिए भी कहा।
प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधे प्रसारण गढ़वाल विवि के करीब 300 छात्रों के अलावा शिक्षकों अधिकारियों व अभिभावकों ने भी देखा। चर्चा के दौरान मोदी ने कहा कि मां-बाप को बच्चों पर अपनी इच्छाएं जबरन नहीं थोपनी चाहिए। उन्होंने कहा टेक्नोलॉजी बच्चों को रोबोट बनाने के लिए नहीं बल्कि सामथ्र्य में बढोत्तरी के लिए होनी चाहिए।