बस में सवार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित ढंग से उतारकर गंतव्य के लिए रवाना किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यदि बस सड़क किनारे नहीं लटकती तो नीचे उफनती गंगा भागीरथी में गिरने से यहां बड़ा हादसा हो सकता था। बता दें कि बरसात के मौसम में सड़क किनारे की जमीन कमजोर होने के कारण यहां धंसाव का खतरा बना हुआ है।
इस यात्रा सीजन के दौरान पूर्व में भी कुछ यात्री वाहन सड़क का पुश्ता धंसने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुए। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि उक्त बस हादसे में किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। सभी यात्री सुरक्षित हैं।