घंटाघर तक विक्रमों के संचालन को आरटीओ ने हरी झंडी दे दी है। साथ ही उनको नसीहत दी गई है कि वह रास्ते में सवारियों को न बैठाएं। ऐसा करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परमिट व्यवस्था के अनुसार विक्रम और बसों के संचालन पर अब आरटीओ ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। विक्रम और सिटी बस संचालकों के साथ अलग-अलग बैठक कर आरटीओ डीसी पठोई ने परमिट व्यवस्था के आधार पर वाहनों के संचालन की हिदायत दी है।
उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे विक्रमों को देहरादून केंद्र से 25 किलोमीटर के अर्धव्यास में चलने का परमिट दिया गया है। इस कारण विक्रमों को घंटाघर आने से नहीं रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रेमनगर रूट पर अभी तक दो विक्रमों को एक समय में घंटाघर आने का टोकन दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जाएगा। एक बार में घंटाघर तक विक्रमों के आने पर कोई संख्या तय नहीं की जा सकती है, मगर विक्रम स्टॉप से सवारी बैठाने के बाद रास्ते से सवारी नहीं बैठा सकेंगे।
ऐसा करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं सिटी बसों में पार्टीशन रॉड और वर्दी नहीं होने पर विभाग कार्रवाई करेगा।
आरटीओ से मिले सिटी बस संचालक
वहीं दूसरी ओर सिटी बस संचालकों ने आरटीओ डीसी पठोई से मुलाकात की। उन्होंने विक्रम संचालकों पर ठेका परमिट का पालन न करने का आरोप लगाते हुए उन्हें घंटाघर तक आने से रोकने की मांग की।
इस दौरान विजयवर्धन डंडरियाल, पंकज गुप्ता, अनुज गोयल, गोपाल भंडारी, अनुज चंदेल, भगवती प्रसाद, अजय उनियाल, प्रशांत डोभाल, रघुवीर सिंह, जगबीर, सतनाम सिंह, राजू, राजेंद्र, देवेंद्र प्रसाद मौजूद थे।