बस के पीछे चल रहे टैक्सी वाहन के चालक ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।
दुर्घटनाग्रस्त बस के खड़ी ढाल पर करीब दो सौ मीटर नीचे यमुना नदी में गिरने से रेस्क्यू टीम को अभियान में खासी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले हादसे में घायल हुए लोगों को सड़क तक पहुंचाया। इनमें गंभीर रूप से घायल छह लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से जौलीग्रांट और एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया, जबकि शेष आठ को एंबुलेंस से देहरादून रेफर किया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस आदि संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे डीएम डा.आशीष चौहान ने रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली। दुर्घटनाग्रस्त बस के यमुना नदी में गिरने से कुछ लोगों के नदी में बहने की आशंका पर गोताखोरों की टीम भी मौके पर बुला ली गई थी, लेकिन फिर देर शाम सभी 14 मृतकों के शव खाई से निकालने और 14 घायलों को हायर सेंटर भेजने के बाद रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया गया। प्रशासन के मुताबिक बस से कुल 28 लोग ही सवार थे।
-चैन लाल (42) पुत्र गबरू लाल निवासी बसराली बड़कोट
-विपिन (18) पुत्र जुधिया लाल निवासी कामरा लाखा मंडल
-किरन(15) पुत्री सुरेश निवासी गोदिन डामटा
-परिचालक पूरण चंद (49) पुत्र अमर चंद निवासी तुनाल्का नौगांव
-सोना (42) पत्नी शशिपाल निवासी देहरादून
-वर्षा (26) पुत्री लाखीराम निवासी मरोड़ नैनबाग
एंबुलेंस की मदद से देहरादून रेफर किए गए घायल
-वनेश कुमार (35) पुत्र सुमेर सिंह निवासी सहारनपुर
-कुसुमा (18) पत्नी वनेश निवासी सहारनपुर
-विजय जोशी (45) पुत्र दयाधर जोशी निवासी पुरोला
-सुरेश (47) पुत्र भोला निवासी गोदिन डामटा
-हेमराज खत्री (53) पुत्र हीरा सिंह निवासी राड़ी टॉप बड़कोट
-अनिल कुमार (40) पुत्र लुस्या नाथ निवासी ब्रह्मखाल
-धीरेंद्र राम (49) पुत्र मुंशी राम निवासी बिहार
-वाहन चालक रमेश चंद्र गैरोला (48) पुत्र बुद्धिराम निवासी पटेलनगर, देहरादून।
बस हादसे की सूचना मिलते ही सर्च एंड रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया था। बस काफी गहरी खाई में गिरी होने के कारण रेस्क्यू अभियान में दिक्कत आ रही है। गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर तथा शेष घायलों को एंबुलेंस से देहरादून भिजवा दिया गया है। कुछ लोगों के यमुना नदी में बहने की आशंका को देखते हुए गोताखोर बुलाकर भी रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। हादसे के पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है।
-डा.आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी