जबकि भड़कोट निवासी दो अन्य स्कूली बच्चों रवीना (15 वर्ष) पुत्री कमल सिंह राणा और लोकेंद्र सिंह (12 वर्ष) पुत्र सोबन सिंह की प्राथमिक उपचार के बाद हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य अरविंद लाल ने सीएचसी चिन्यालीसौड़ में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों का अभाव बना हुआ है। यहां तक कि घायलों को देहरादून रेफर कर भेजी गई एंबुलेंस में न कोई चिकित्सक था और न ही कोई अन्य चिकित्सा कर्मी।
सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं है। इस कारण हादसे आदि आपात स्थितियों में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को ज्ञापन देकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है।