10 जनवरी को चंडीगढ़ से कोटद्वार जा रही हरिद्वार डिपो की बस भी यूपी रोडवेज की बस से टकरा गई थी। इस मामले में भी ड्राइवर से करीब 1500 किलोमीटर लगातार बस चलवाई गई थी। हादसे में ड्राइवर सहित छह यात्री घायल हुए थे। हरिद्वार डिपो के ड्राइवर ओमपाल सिंह ने एम्स में इलाज के दौरान 12 जनवरी को दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद भी ऋषिकेश डिपो प्रशासन ने सबक नहीं लिया।
रुपैडिया रूट पर एक ड्राइवर भेजा, बस पलटी
ऋषिकेश डिपो से एक बस करीब सप्ताहभर पहले रूपैडिया रूट पर भेजी गई थी। ऋषिकेश से रुपैडिया की दूरी करीब 1236 किमी है। यहां भी जाते वक्त ड्राइवर नवीन को नींद का झोंका आ गया था। बस रुपैडिया से पहले गोला कुठार के पास पलट गई थी। रूट लंबा होने के बावजूद बस में एक ही ड्राइवर को भेजा गया था। जबकि अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर उस दिन दो ड्राइवर नवीन और प्रवीण राणा को भेजा गया था।
एजीएम और ड्राइवर के अलग-अलग बोल
फोन पर बातचीत में अमरपाल ने बताया कि वे बरेली से बुधवार को तड़के चार बजे बस चलाकर रोडवेज डिपो पहुंचे थे। कुछ देर आराम करने के बाद तुरंत लखनऊ रूट जाने के लिए फोन आ गया। नींद पूरी नहीं हुई थी। जबकि रोडवेज के डिपो एजीएम पीके भारती का कहना है कि ड्राइवर पहले किसी रूट से नहीं आया था।