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ड्राइवर ने बरेली से ऋषिकेश और फिर लखनऊ तक 1150 किमी चलाई बस, अचानक आई झपकी और फिर... 

Thu, 28 Jan 2021 11:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश

सार

  • रोडवेज प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आई, हो सकता था बड़ा हादसा, कई यात्री चोटिल
  • ऋषिकेश से लखनऊ जा रही थी रोडवेज बस, लखनऊ के पास ट्रैक्टर से टकराई
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बस - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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बरेली से 600 किलोमीटर बस चलाकर ऋषिकेश पहुंचे रोडवेज के ड्राइवर को बिना आराम दिए दोबारा 1100 किलोमीटर के सफर पर लखनऊ भेज दिया गया। आराम न मिलने के कारण बस चलाते हुए ड्राइवर को नींद का झोंका आ गया और बस लखनऊ के पास गुरुवार तड़के साढ़े चार बजे ट्रैक्टर से टकरा गई।

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बस में 14 लोग सवार थे। हादसे में सवारियों को हल्की चोटें आईं। लापरवाही सामने आने के बाद डिपो के अधिकारी मामले को रफादफा करने में जुटे हुए हैं। रोडवेज मुख्यालय के आदेश हैं कि किसी भी चालक को आठ घंटे से ज्यादा बस न चलाने दी जाए।

लंबे रूट पर दो ड्राइवरों को भेजा जाए, लेकिन ऋषिकेश डिपो में मुख्यालय का आदेश कोई मायने नहीं रखता। बुधवार तड़के ड्राइवर अमरपाल बरेली से 600 किलोमीटर बस चलाकर ऋषिकेश डिपो पहुंचा। वर्कशॉप में बस खड़ी करने के बाद जब वह आराम करने जाने लगा तो उसे फोन पर लखनऊ रूट की बस ले जाने का आदेश सुना दिया गया।
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वह सुबह नौ बजे वर्कशॉप से बस (यूके07पीए- 4523) लेकर आईएसबीटी ऋषिकेश पहुंचा और 10 बजे लखनऊ रवाना हुआ। हरिद्वार डिपो से यह बस दोपहर 12 बजे लखनऊ के लिए रवाना हुई।

ऋषिकेश से सवार हुए यात्रियों का कहना था कि ड्राइवर बरेली तक तो बस ठीक ढंग से ले गया। लेकिन इसके बाद कई जगहों पर उसे नींद के झोंके आ रहे थे। लखनऊ से करीब दो किलोमीटर पहले यह बस सामने से आ रहे ट्रैक्टर से जा टकराई। गनीमत यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी।

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हरिद्वार की घटना से भी नहीं ले लिया सबक

10 जनवरी को चंडीगढ़ से कोटद्वार जा रही हरिद्वार डिपो की बस भी यूपी रोडवेज की बस से टकरा गई थी। इस मामले में भी ड्राइवर से करीब 1500 किलोमीटर लगातार बस चलवाई गई थी। हादसे में ड्राइवर सहित छह यात्री घायल हुए थे। हरिद्वार डिपो के ड्राइवर ओमपाल सिंह ने एम्स में इलाज के दौरान 12 जनवरी को दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद भी ऋषिकेश डिपो प्रशासन ने सबक नहीं लिया। 

रुपैडिया रूट पर एक ड्राइवर भेजा, बस पलटी
ऋषिकेश डिपो से एक बस करीब सप्ताहभर पहले रूपैडिया रूट पर भेजी गई थी। ऋषिकेश से रुपैडिया की दूरी करीब 1236 किमी है। यहां भी जाते वक्त ड्राइवर नवीन को नींद का झोंका आ गया था। बस रुपैडिया से पहले गोला कुठार के पास पलट गई थी। रूट लंबा होने के बावजूद बस में एक ही ड्राइवर को भेजा गया था। जबकि अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर उस दिन दो ड्राइवर नवीन और प्रवीण राणा को भेजा गया था।

एजीएम और ड्राइवर के अलग-अलग बोल
फोन पर बातचीत में अमरपाल ने बताया कि वे बरेली से बुधवार को तड़के चार बजे बस चलाकर रोडवेज डिपो पहुंचे थे। कुछ देर आराम करने के बाद तुरंत लखनऊ रूट जाने के लिए फोन आ गया। नींद पूरी नहीं हुई थी। जबकि रोडवेज के डिपो एजीएम पीके भारती का कहना है कि ड्राइवर पहले किसी रूट से नहीं आया था।
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