स्मार्ट सिटी के लिए क्वालिफाई न करने पर मेयर विनोद चमोली ने नौकरशाही को जिम्मेदार ठहराया है। मेयर ने सीएम हरीश रावत और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर नए प्रस्ताव के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने स्मार्ट सिटी के लिए गठित हाई पावर्ड एंपावर्ड कमेटी और कंसलटेंट्स की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े किए।
सीएम व सीएस के भेजे पत्र में मेयर विनोद चमोली ने कहा है कि अधिकारियों के काम की गहन समीक्षा होती रहनी चाहिए। मेयर का कहना है कि स्मार्ट सिटी के लिए तीस जून को नया प्रस्ताव भेजा जाना है। इसलिए नगर निगम बोर्ड की दो बैठकें की जानी हैं।
स्मार्ट सिटी के नए प्रस्ताव में कोर सिटी पर हमारा फोकस होगा। हमें हर हाल में इस बार क्वालिफाई करना है इसलिए एक हजार एकड़ पर ही सारा ध्यान रखा जाएगा।
शहरी विकास मंत्रालय ने दी है सलाह
केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय के निदेशक स्मार्ट सिटी मुनीश कुमार गर्ग ने उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास सचिव को पत्र लिखकर नए प्रस्तावों में कई बातों का ध्यान रखने को कहा है। साथ ही पुराने प्रस्तावों में खामियों की तरफ उनका ध्यान खींचा हैं।
केंद्र की आपत्तियां
-पुराने प्रस्ताव में शहरी स्थानीय निकायों द्वारा सुधारात्मक कदमों संबंधी तथ्य व आंकड़े ठीक तरह से उपलब्ध नहीं कराए गए
-नगर की रूपरेखा, तैयार प्रस्ताव की प्लानिंग और लक्ष्य के बीच गहरा संबंध नहीं था।
-पुराने प्रस्ताव में साफ सफाई और कूड़ा प्रबंधन पर विशेष जोर नहीं था। इसके साथ ही विरासत संपदा का जिक्र न के बराबर था।
-नए प्रस्ताव में हास्पिटल, न्यायालय, कचहरी, रेलवे स्टेशन, नगर निगम, पलटन बाजार, गांधी पार्क, परेड मैदान आदि को शामिल करना होगा।