यह हुईं दुखद घटनाएं
पिछले साल 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित थ्रिल फैक्ट्री एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूटने से गुड़गांव का 24 वर्षीय युवक नीचे टिन की छत पर गिरने से गंभीर घायल हो गया था। इस हादसे ने बंजी कॉर्ड की गुणवत्ता और उसकी जांच पर सवालिया निशान लगा दिया था। गत 15 जून को बंजी जंपिंग करने के कुछ देर बाद एक युवक के पेट में तेज दर्द उठा और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मौत का वास्तविक कारण क्या रहा यह कहना बेहद मुश्किल है क्योंकि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बंजी जंपिंग के दौरान शरीर में अचानक एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है और गुरुत्वाकर्षण के विपरीत भारी दबाव पड़ता है, जिससे कभी-कभी दिल या आंतरिक अंगों पर अप्रत्याशित असर पड़ सकता है।
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50 की उम्र पार तो फिटनेस सर्टिफिकेट होगा अनिवार्य
इस नए ड्राफ्ट में पर्यटकों के स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर सबसे कड़े प्रावधान किए जा रहे हैं। सचिव धीरज गबर्याल के अनुसार, नियमावली में यह साफ तौर पर शामिल किया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को बंजी जंपिंग से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव करते हुए यह सुझाव शामिल किया गया है कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के जितने भी लोग बंजी जंपिंग का मजा लेना चाहते हैं, उनके लिए अब मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा, इसके बिना उन्हें जंप की अनुमति नहीं मिलेगी। अब जंपिंग कराने वाली कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली प्राकृतिक रबर की बंजी कॉर्ड का इस्तेमाल करना, निश्चित अवधि के बाद उसे बदलना, पैरों के साथ पूरे शरीर पर डबल हार्नेस देना और जंप से पहले कम से कम दो से तीन अलग- अलग ट्रेनर्स द्वारा ट्रिपल चेक प्रोसेस अपनाना बेहद जरूरी हो जाएगा।