जबकि कुछ निजी पट्टाधारकों के मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। देहरादून तहसील क्षेत्र में 205 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। एसडीएम सदर गोपालराम बिनवाल ने बताया कि कई लोगों के मुकदमों में सुनवाई पूरी होने के बाद बेदखली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्हें जो टाइम दिया गया था वह पूरा हो चुका है। जबकि, कई लोगों के चालान किए गए हैं। एसडीएम सदर ने अगले हफ्ते तक मामले में पूरी रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव भी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने भी अधीनस्थों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
राज्य बनने के बाद राजधानी में बड़ी संख्या में लोग अपना-अपना आशियाना बनाने में जुटे थे। इसी बीच प्रशासन ने भी रिस्पना नदी के किनारे पट्टे आवंटित करने शुरू कर दिए। श्रेणी-132 जिसमें कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है उन्हें प्रशासन ने बंजर भूमि की श्रेणी में रखकर आवंटित कर दिया। जिन लोगों को पट्टे दिए गए थे उनमें से कई ने बेच दिए हैं। जबकि कुछ इन पर निवास ही नहीं करते।