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Builder Sahni Death Case: अजय गुप्ता और उसके बहनोई को नई धाराओं में भी जेल, जमानत हुई नामंजूर

Sun, 02 Jun 2024 11:02 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

Builder Sahni Death Case: बिल्डर बाबा साहनी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी अजय गुप्ता व उसके बहनोई अनिल गुप्ता को आज कोर्ट में पेश किया गया था, जहां दोनों की जमानत कोर्ट ने नामंजूर कर दी।
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गुप्ता बंधुओं को कोर्ट ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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बिल्डर बाबा साहनी को आत्महत्या के लिए उकसाने के दोनों आरोपियों अजय गुप्ता और उसके बहनोई को नई धाराओं में भी न्यायालय ने जेल भेज दिया। हालांकि, इन धाराओं का बचाव पक्ष ने पुरजोर विरोध किया और अपने तर्क अदालत में रखे। लेकिन, अदालत ने तर्कों को दरकिनार करते हुए दोनों की न्यायिक अभिरक्षा मंजूर कर दी। इसके साथ ही बचाव पक्ष ने इन दोनों धाराओं में जमानत की अर्जी दी, लेकिन अदालत ने इसे नामंजूर कर दिया।

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गौरतलब है कि राजपुर पुलिस ने अजय गुप्ता और अनिल गुप्ता पर दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे में धोखाधड़ी और जबरन वसूली के लिए धमकाने की धाराएं भी जोड़ी थीं। पुलिस का कहना था कि ये धाराएं साहनी की शिकायत में दोनों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर जोड़ी गईं हैं। इसके लिए पुलिस की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी भानू प्रताप बिष्ट ने दलील दी कि आरोपियों ने बिना बताए धोखाधड़ी से अन्य तीन कंपनियों से निवेश भुगतान एलएलबी के बैंक खातों में किया गया है।

जिन कंपनियों से यह पैसा आ रहा था उन कंपनियों से भागीदारों का कोई संबंध ही नहीं है। यही नहीं इस बात की जानकारी साहनी को नहीं दी गई और कंपनी का काम रुक गया। इसके साथ ही दोनों अब साहनी पर पैसे वापस करने का दबाव डाल रहे थे। इसके लिए उन्हें पुलिस का डर दिखाया गया और खुद भी साहनी को डराया धमकाया गया।
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Dehradun: अजय गुप्ता और उसके बहनोई पर फेंकी स्याही, कोर्ट के बाहर हंगामा, बिल्डर साहनी मामले में आज सुनवाई

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इस पर बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अतुल पुंडीर और अधिवक्ता अभिमांशु ध्यानी ने अदालत में तर्क रखे। उन्होंने अदालत को बताया कि धोखाधड़ी की धारा तभी बनती है जब पीड़ित का नुकसान हुआ हो। इस मामले में पैसा अनिल गुप्ता और अजय गुप्ता का लगा हुआ था। ऐसे में साहनी का नुकसान नहीं हुआ। इसके साथ ही दोनों अपने पैसे मांग रहे थे। पुलिस ने धाराएं बढ़ाईं, लेकिन इनके कारणों का कोई खुलासा नहीं किया गया।

मौजूदा विवाद को उन्होंने साझीदारी के बीच वित्तीय विवाद की श्रेणी का बताया। उन्होंने इस आधार पर हर प्रकार की शर्त को मानते हुए जमानत की मांग की। लेकिन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शाहिस्ता बानो की कोर्ट ने बचाव पक्ष के तर्कों को खारिज करते हुए दोनों धाराओं में न्यायिक अभिरक्षा मंजूर कर दी। इसके साथ ही दोनों की जमानत को नामंजूर कर दिया गया। अब जमानत पर जिला एवं सत्र न्यायालय में आगामी तीन जून को सुनवाई होगी।

स्याही फेंकने के मामले में अज्ञात पर मुकदमा
पुलिस ने अजय गुप्ता और अनिल गुप्ता पर स्याही फेंकने के मामले में अज्ञात के खिलाफ बलवा और लोक सेवक के कार्यों में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। हालांकि, स्याही फेंकने वाले संगठन ने खुद सोशल मीडिया पर अपने इस कारनामे का खुलासा किया और मीडिया को अपने बयान दिए। बताया जा रहा है कि जल्द ही आरोपियों के नामों का खुलासा कर पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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