जबरन वसूली करने के लिए डराने की धाराएं भी जोड़ी
साहनी की आत्महत्या के बाद पता चला कि उन्होंने आत्महत्या से ठीक आठ दिन पहले पुलिस को एक शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें उन्होंने अजय गुप्ता और अनिल गुप्ता पर धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने के लिए डराने धमकाने के आरोप लगाए थे। अब तक पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की जांच कर रही थी। लेकिन, अब इस प्रार्थनापत्र के आधार पर धोखाधड़ी और जबरन वसूली करने के लिए डराने की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
पूरे मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है। जो भी तथ्य आ रहे हैं उनके आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले में परिजनों और साहनी के कारोबार से जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है। साहनी और गुप्ता के बीच किन-किन बातों को लेकर विवाद हुए थे इनकी पड़ताल भी की जा रही है। - अजय सिंह, एसएसपी
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अजय गुप्ता व अनिल गुप्ता ने सत्र न्यायालय में दी जमानत अर्जी
अजय गुप्ता और अनिल गुप्ता की जमानत मजिस्ट्रेट कोर्ट से सोमवार को खारिज हो गई थी। इसके बाद दोनों के अधिवक्ताओं की ओर से अब सत्र न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया है। सत्र न्यायालय इस प्रार्थनापत्र पर अब 30 मई को सुनवाई करेगा। बता दें कि सोमवार को बचाव और अभियोजन के बीच हुई बहस में एसीजेएम तृतीय की कोर्ट ने बचाव के तर्कों को बेबुनियाद बताया था। अभियोजन ने इस मामले में एफआईआर और सुसाइड नोट को आधार बनाया था।