सूबे में नए सिरे से सरकार गठन के बाद नौकरशाही नए सिरे से हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री ने नौकरशाहों से कहा है कि वे मंत्रियों, विधायकों से जुड़े तमाम लंबित प्रकरणों का निस्तारण तेजी से करें। मुख्यमंत्री के इस फरमान के बाद मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों से कहा कि वह अपने स्तर से इसमें तेजी लाएं। किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
अफसरों से मिलने लगे विधायक
सरकार गिरने के साथ ही मंत्रियों, विधायकों से जुड़े तमाम प्रकरण ठंडे बस्ते में चले गए थे। साथ ही मंत्रियों, विधायकों ने सचिवालय की ओर से रुख कम कर दिया था। राष्ट्रपति शासन के दौरान बेहद कम विधायक थे जो सचिवालय पहुंचकर अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं से राज्यपाल समेत आला अफसरों को अवगत कराया।
अब नए सिरे से सरकार का गठन हो गया है और मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नए सिरे से कुर्सी संभाल ली है तो मंत्रियों, विधायकों की सचिवालय में न सिर्फ आवाजाही तेज हो गई बल्कि आला अफसरों से मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया है।