वर्ष 2001 में जहां यात्रियों की संख्या दस लाख थी, जो अब बढ़कर 2025 में 51 लाख हो चुकी है। यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के पीछे सरकार की यह मंशा है कि इससे यात्रा व्यवस्थित होगी। यात्रियों के बारे में जानकारी होने से दुर्भाग्य से यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसके बारे में सूचना प्राप्त की जा सकती है।
31 मार्च तक सभी तैयारियां हो जाएंगी पूरी
संसदीय कार्यमंत्री ने कहा, चारधाम यात्रा को लेकर सभी सुविधाएं 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। पेयजल के लिए जल संस्थान और सड़कों को लेकर सीमा सड़क संगठन को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। सरकार पूरी यात्रा को व्यवस्थित बनाने और कूड़ा प्रबंधन को लेकर गंभीर है।