उत्तराखंड शासन ने अर्द्ध कुंभ की तैयारियों के लिए 258.53 करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
आवंटित बजट में से 216.17 करोड़ मेला प्रशासन और 42.56 करोड़ रुपए विभागाध्यक्षों को आवंटित किए गए हैं। इतना ही नहीं शासन ने पुलिस प्रशासन समेत कई विभागों के बजट में कटौती कर दी है। शासन का कहना है कि ये सभी विभाग अपने सालाना बजट से ही मेला तैयारियों को अंतिम रूप दें।
शासन ने मेलाधिकारी को निर्देशित किया है कि अवमुक्त की गई धनराशि को तत्काल संबंधित विभागों को मुहैया करा दिया जाय, ताकि मेला शुरू होने से पहले ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके। उल्लेखनीय है कि हरिद्वार अर्द्ध कुंभ- 2016 के मद्देनजर तमाम सरकारी विभागों और निजी एजेंसियों द्वारा दो सौ से अधिक अस्थायी, स्थायी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
अर्द्ध कुंभ तैयारियों में किसी प्रकार की अड़चन न आए, इसके लिए शासन की ओर से मेला प्रशासन को 216.17 करोड़ और विभागाध्यक्षों को 42.56 करोड़ धनराशि भी जारी कर दी है। शासन ने बजट के मामले में पुलिस विभाग को झटका दिया है।
पिछले माह एम्पावर्ड कमेटी की बैठक ने 83.71 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया था, जिसमें पुलिस प्रशासन को 25 करोड़ रुपए का आवंटन शामिल था। लेकिन शासन ने इस पर सहमति नहीं दी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अर्द्ध कुंभ क्षेत्र में शामिल देवप्रयाग में मेला शुरू होने से पहले ही शौचालय, स्ट्रीट लाइटों और घाटों की मरम्मत का काम पूरा कर लें।
इसके लिए 50 लाख रुपए के बजट का प्रावधान भी किया गया है। मेला क्षेत्र में स्थायी, अस्थायी शौचालयों की स्थापना और सफाई के लिए 49.72 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है। शासन का कहना है कि प्रस्तावित बजट में से 20 करोड़ रुपए केंद्र से मांगा जाए, इसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कागजी कार्रवाई की जाए।
यूपी निर्माण निगम बनाएगा 500 अस्थायी शौचालय
अर्द्ध कुंभ के दौरान शौचालयों के निर्माण और उनके रखरखाव में यूपी निर्माण निगम की मदद ली जाएगी। यूपी निर्माण निगम हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकी रेती, देवप्रयाग में 500 स्थायी एफआरपी शौचालयों का निर्माण कराएगा।
इनके निर्माण पर साढ़े सात करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। मेला उपरांत इन शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित स्थानीय निकायों की होगी। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 1000 बाथरूम, 1000 मूत्रालय, 2500 अस्थायी शौचालयों के निर्माण की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को सौंपी गई है। जिनके निर्माण पर 30.73 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी।