पंपिंग योजनाओं के रखरखाव व संचालन के लिए भी चाहिए मदद
राज्य सरकार जल जीवन मिशन योजना के तहत पंपिंग योजनाओं के रखरखाव व संचालन के लिए केंद्रीय सहायता चाहता है। राज्य में ग्रेविटी स्कीमों की तुलना में पंपिंग स्कीमों पर निर्भरता बढ़ गई है, लेकिन इससे योजना के सुचारू संचालन के लिए अधिक खर्च बढ़ गया है। यह खर्च राज्य को वहन करना पड़ रहा है। इसलिए राज्य सरकार चाहती है कि पीएमजीएसवाई के अनुरूप ही जल जीवन मिशन योजना के अनुरक्षण व संचालन को भी केंद्र पोषित योजना से आच्छादित किया जाए।
सौंग बांध परियोजना को समय से पूरा करने के लिए भी चाहिए सहयोग
प्रदेश के तराई व मैदानी क्षेत्रों में भू जलस्तर में क्षरण की गंभीर समस्या बन रही है। इस समस्या से निपटने के लिए 2500 करोड़ रुपये की सौंग बांध परियोजना पर काम हो रहा है। योजना को स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट के तहत वित्तीय मंजूरी मिली है। लेकिन योजना के तहत परियोजना के लिए सीमित आवंटन होना है। सरकार का तर्क है कि उसके पास सीमित आर्थिक संसाधन हैं। भू जलस्तर में आ रही गिरावट की गंभीर समस्या को देखते हुए परियोजना का समय पर पूरा होना जरूरी है। इसलिए राज्य सरकार इसे केंद्र पोषित योजना में शामिल कराने का अनुरोध कर चुकी है।
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राज्य की ओर से बजट पूर्व बैठक में प्रस्तुतिकरण दिया जा चुका है। जल संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने जल संरक्षण की दिशा में जो प्रयास किए हैं, उसमें हम केंद्रीय वित्तीय सहयोग की अपेक्षा कर रहे हैं। - दिलीप जावलकर, सचिव वित्त