ऑटोमोबाइल सेक्टर खास तौर पर छोटी कारों, एसयूवी, मोटरसाइकिल आदि पर अंतरिम बजट में एक्साइज ड्यूटी घटाना एक बेहतर कदम है। इससे ऑटो सेक्टर की ‘रफ्तार’ तेज होने की संभावना है।
जानकारों के अनुसार इससे बिक्री में बढ़ोत्तरी होगी। रोजगार की दृष्टि से भी इसे बेहतर कदम माना जा रहा है।
छोटी कारों का अपना बड़ा खरीदार वर्ग है।
इसके अलावा रिनाल्ट की डस्टर, टाटा सफारी की स्टार्म, मारुति की स्विफ्ट डिजायर, महिंद्रा की कांपेक्ट क्वांटो जैसी एसयूवी यानी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल के चाहने वाले हर उम्र के हैं।
वह उसके लिए महीनों इंतजार भी करते हैं। खास रंग के लिए भी वेटिंग रहती है। छोटी कारों पर 4 प्रतिशत एसयूवी पर 4-6 प्रतिशत, जबकि अन्य कारों पर 3-4 फीसदी तक की कमी एक्साइज ड्यूटी में होगी। इससे गाड़ियां सस्ती होंगी।
हीरो, महिंद्रा, टाटा से जुड़ी पांच सौ यूनिट्स
सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार, पंतनगर में पांच सौ से अधिक ऐसी यूनिट्स हैं, जो एक्सेसरीज की सप्लाई हीरो, महिंद्रा, टाटा जैसी कंपनियों को करती हैं। उत्तराखंड में अलबत्ता एक्साइज में पहले ही छूट जारी है।
इससे सभी को फायदा होगा
अंतरिम बजट में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक्साइज ड्यूटी में कमी का प्रावधान स्वागत योग्य है। इससे सभी को फायदा होगा।
राघव ओबराय, डिवाइन होंडा