उत्तराखंड में सरकार बनाने के लिए विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की संभावनाओं के बीच पीडीएफ का कुनबा बिखरता नजर आ रहा है। पीडीएफ अध्यक्ष मंत्री प्रसाद नैथानी जहां लगातार हरीश रावत के साथ होने का दंभ भर रहे हैं। वहीं झबरेड़ा विधायक व मंगलौर विधायक ने फैसले का अधिकार बसपा सुप्रीमो मायावती पर छोड़ा हुआ है। पीडीएफ के अलग-अलग सुर कांग्रेस के लिए चिंता का सबब बन सकते हैं।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने भी फ्लोर टेस्ट को लेकर केंद्र की मंशा पूछी है।
मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होनी है। लेकिन कांग्रेस को फ्लोर टेस्ट की पूरी संभावनाएं नजर आ रही है। ऐसे में हरीश रावत और उनके करीबी कांग्रेस विधायकों को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। लेकिन हरिद्वार जनपद से पीडीएफ के दोनों सदस्यों के सुर अध्यक्ष नैथानी से अलग-अलग सुनाई दे रहे हैं।