मां होती तो बच जाती युवती की जान
आसपास के लोगों ने बताया कि शाइस्ता की मां अगर रविवार की रात घर पर होती तो आज वह जिंदा होती। मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। वह यही बोलती रही कि अगर मैं मायके नहीं जाती तो आज मेरी बेटी जिंदा होती। उन्होंने बताया कि अमन ने सोमवार सुबह करीब सात बजे फोन कर बताया कि मां मैंने शाइस्ता की हत्या कर दी है और अब वह कभी अपने प्रेमी से बात नहीं करेगी। जिसके बाद वह तुरंत घर पहुंची।
लोगों के ताने सुनकर बना कातिल
आसपास के लोगों ने बताया कि शाइस्ता के प्रेम प्रसंग की खबर मोहल्ले में हर किसी को थी। कुछ लोग इसको लेकर अमन को ताने मारते थे और मजाक बनाते थे। जिससे उसके दिल में बहन के खिलाफ गुस्सा भरता गया और उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
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