रुद्रप्रयाग में बुआ के घर निरवाली गांव आए ब्यूंग (फाटा) निवासी भाई-बहन फोटो खिंचवाते वक्त अलकनंदा नदी में बह गए। दोनों की खोजबीन के लिए पुलिस की ओर से पांच टीमें गठित कर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। घटना के बाद से उनके माता-पिता बेसुध पड़े हैं। गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक रविवार को पूर्वाह्न पौने बारह बजे साहिल (16) पुत्र जगदीश प्रसाद सेमवाल, उसकी बहन सावली (13) और गांव के दो अन्य बच्चे स्नेहा (12) व अभिनव (10) गांव से नीचे अलकनंदा नदी किनारे पहुंचे। यहां सेल्फी लेन के बाद वे मोबाइल से एक-दूसरे के फोटो खिंचवाने लगे। साहिल और उसकी बहन फोटो खिंचवाने के लिए एक पत्थर पर खड़े हो गए। इसी बीच साहिल का पैर फिसला और वह नदी में जा गिरा।
भाई को नदी में बहता देख उसे बचाने के लिए सावली भी नदी में छलांग लगा दी। दोनों बच्चे तेज बहाव में बह गए। घटना से उनके साथ गए दोनों बच्चे स्नेहा और उसके भाई घबरा गए। उन्होंने तुरंत गांव पहुंचकर घटना की जानकारी उनके परिजनों को दी। घटना की सूचना मिलते ही बच्चों की मां बेसुध हो गई।
दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया
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- फोटो : amar ujala
इधर, ग्रामीण अपने घरों से नदी की तरफ दौड़े। उन्होंने पूरे क्षेत्र में नदी किनारे खोजबीन की, लेकिन दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। करीब साढ़े बारह बजे पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा, सीओ श्रीधर प्रसाद बडोला, कोतवाली प्रभारी डीएस पंवार के नेतृत्व में पुलिस दल भी मौके पर पहुंचा।
पुलिस की ओर से रुद्रप्रयाग से घटनास्थल के बीच पांच स्थानों पर एक साथ रेस्क्यू अभियान चलाया गया। समाचार लिखे जाने तक बच्चों का पता नहीं लग पाया। बच्चों के पिता आईटीबीपी गौचर में तैनात हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचते ही बेहोश हो गए। उन्हें आईटीबीपी के जवानों ने घर तक पहुंचाया। घटना के बाद से बच्चों की मां भी बेहोश पड़ी है।
बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे अपनी मां के साथ चार दिन पूर्व पूर्व निरवाली गांव पहुंचे थे। दो दिन पूर्व उनकी बुआ अपनी दवा लेने के लिए देहरादून गई थी। उन्हें रविवार को लौटना था। इसके बाद बच्चों को गौचर जाना था। दोनों बच्चे आईटीबीपी गौचर स्कूल में कक्षा आठवीं और नौवीं में पढ़ते हैं।