उसे माजरा समझते देर न लगी। वह आनन फानन में बच्चों को जिला अस्पताल ले गया, जहां उसके बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। वह फिर शवों को लेकर चंडीघाट पुल के नीचे सपेरा बस्ती में लेकर पहुंचा था, जहां किसी शख्स ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। चौकी प्रभारी पवन डिमरी ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पेशे से दिहाड़ी मजदूर अपने परिवार के साथ झुग्गी झोपड़ी में रहता है, उसके कुल चार बच्चे थे। एक बेटा एक बेटी की उम्र सात व 12 वर्ष है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सामने आ जाएगा।