बदरीनाथ हाईवे मंगलवार को दोपहर बारह बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुलने से तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली। लामबगड़ में सुबह पांच बजे बीआरओ ने मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू किया।
सुबह नौ बजे तक यहां चट्टान से रह-रहकर पत्थर छिटक रहे थे। ऐसे में मजदूरों को काम करने में दिक्कतें हुई। दोपहर बाद हाईवे खुलने से जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ धाम में ठहरे करीब चार सौ तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया। तीन दिनों से लगातार हुई बारिश से बदरीनाथ हाईवे नंदप्रयाग से बैनाकुली तक खतरनाक बना हुआ है।
बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम का कहना है कि नंदप्रयाग से चमोली तक हाईवे को सुचारु रखना चुनौती बना हुआ है। यहां बारिश होने पर जगह-जगह हाईवे पर बरसाती नाले फूट रहे हैं। लामबगड़ में हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया है। यहां एक जेसीबी मशीन हर वक्त तैनात रहेगी।