10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं हर साल कॉकरोच मारने में
देहरादून में पेस्ट कंट्रोल करने वाली 32 एजेंसियों को लाइसेंस मिला हुआ है। इसके अलावा 400 से अधिक बिना लाइसेंस के संचालित हो रही हैं। हर साल सभी तरह के कीड़े मारने पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। सूरज कुमार ने बताया कि यह एक अनुमानित आंकड़ा है कि इस रकम में से करीब 20 फीसदी कॉकरोच प्रबंधन यानी इन्हें खत्म करने में किया जाता है। यह राशि करीब 10 करोड़ रुपये है। इसमें भी आधे से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट आदि में खर्च किया जाता है।
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पूरे भारत का है 2500 करोड़ से ज्यादा का बाजार
पूरे भारत में पेस्ट कंट्रोल का मार्केट लगभग छह हजार करोड़ रुपये के आसपास है। इंडियन पेस्ट कंट्रोल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सतीश त्यागी ने बताया कि एसोसिएशन में करीब 600 से ज्यादा विशेषज्ञ व फर्म जुड़े हुए हैं। बाजार का यह आंकड़ा संगठित और असंगठित बाजार दोनों का है। इसमें जीएसटी से मिले आंकड़े भी शामिल हैं। डॉ. त्यागी ने बताया कि कॉकरोच पर लगभग ढाई से तीन हजार करोड़ रुपये पूरे देश में खर्च होता है। इसमें पेस्ट कंट्रोल एजेंसियां और खुले बाजार से खरीदे जाने वाले पेस्टीसाइड भी शामिल हैं। यह आंकड़ा अनुमान के तौर पर है।