बारिश ने बृहस्पतिवार शाम को थराली कस्बे और आसपास ऐसा कहर बरपाया था कि एक बारात को रात सड़क पर ही गुजारनी पड़ी, जबकि दूल्हा-दूल्हन वाहन में ही रुके रहे। अगली सुबह कुछ बाराती चार किमी पैदल चलकर तहसील मुख्यालय पहुंचे तब प्रशासन को बारात फंसने की जानकारी लगी।
दोपहर एक बजे सड़क खुली तो अपराह्न तीन बजे बारात अपने गांव पहुंच पाई। वहीं अन्य बारातें भी मार्ग खुलने के बाद बृहस्पतिवार रात 1 से 3 बजे अपने गांवों तक पहुंची।
ग्रामीण भुवन राम ने बताया कि बृहस्पतिवार को कांडे से जूनीधार एक दिवसीय बारात आई थी। बारात जैसे की बंदरढ़ोंड में पहुंची तो बारिश के कारण सड़क पर भारी मलबा आ गया। यहां मोबाइल नेटवर्क न होने से सूचना भी नहीं दे सके।