देहरादून के लोगों के आशियाने के सपने पर फिलहाल बायलॉज ने ब्रेक लगा दिया है।
बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन प्रस्ताव लटका होने के चलते प्राधिकरण नक्शे पास नहीं कर रहा है। सड़क को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के चलते यह परेशानी हो रही है। वहीं अधिकारी जल्द ही बॉयलॉज में संशोधन का दावा कर रहे हैं।
एमडीडीए बिल्डिंग बायलॉज के आधार पर ही आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास करता है। लेकिन 2015 में चार साल बाद संशोधित बायलॉज लागू किया गया। इसके बाद करीब 180 संशोधन सामने आए। जिनमें सबसे ज्यादा सड़क समेत अन्य बिन्दुओं पर थे।
जून में यह प्रस्ताव संशोधन के लिए भेजा गया। जिसके अनुसार, सड़क की न्यूनतम चौड़ाई करीब 19 फीट होनी ही चाहिए। इससे पूर्व न्यूनतम सड़क का प्रावधान नहीं था। अभी तक संशोधन न होने के चलते सभी नक्शे या तो लंबित पड़े हैं या लौटाए जा रहे हैं।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की लापरवाही के कारण बायलॉज संशोधन का प्रस्ताव लंबित पड़ा है। इससे लोगों के नक्शे पास नहीं हो पा रहे हैं। एमडीडीए सड़कों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बात कहते हुए नक्शे पास नहीं कर रहा है।
- सुनील घिल्डियाल, प्रवक्ता, उत्तराखंड ड्राफ्ट्समैन एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन
बायलॉज में जरूरी संशोधन कर फाइल मंजूरी के लिए शासन को भेजी जा चुकी है। हमारे स्तर से सभी संशोधनों को मंजूरी मिल चुकी है। अब शासन को इस पर निर्णय लेना है। शासन से मंजूरी बनने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- एसके पंत, वरिष्ठ नगर नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग