शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधीश्वर माधवाश्रम महाराज की शुक्रवार को अचानक तबियत बिगड़ गई। अनुयायियों ने उन्हें मायाकुंड स्थित निर्मल आश्रम अस्पताल में भर्ती कराया। जहां ब्रेन हैमरेज अटैक की पुष्टि होने पर उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया गया। वरिष्ठ न्यूरो सर्जन की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
बताया जा रहा है कि उनकी हालत में सुधार है। शुक्रवार सुबह मायाकुंड स्थित दंडीवाड़ा आश्रम में 75 वर्षीय ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य माधवाश्रम महाराज नहाने के लिए बाथरूम गए थे। काफी देर बाद बाथरूम से बाहर नहीं आए तो आश्रम सेवक चिंतित हुए।
उन्होंने बाथरूम में जाकर देखा तो माधवाश्रम महाराज अचेत मिले। आननफानन में उन्हें मायाकुंड स्थित निर्मल आश्रम अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सिटी स्कैन में इंटरा-ब्रेनियल हेमरेज (दिमाग में खून का थक्का जमा होने) की पुष्टि हुई।
अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाने की सलाह दी। अनुयायी डा. राजे नेगी, मनोज नौटियाल और आश्रम सेवक एलपी पुरोहित, अनूप डिमरी शंकराचार्य माधवाश्रम को जौलीग्रांट अस्पताल ले गए। यहां न्यूरो सर्जन की देखरेख में सिटी स्कैन कराने के बाद उन्हें भर्ती कर लिया। देर शाम हिमालयन हास्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. जीपी शर्मा ने बताया कि शंकराचार्य की हालत स्थिर है।
नेपाल रवानगी से पहले हुए अस्वस्थ
शंकराचार्य के अनुयायी संदीप शास्त्री ने बताया कि माधवाश्रम महाराज बीते बृहस्पतिवार शाम रुद्रप्रयाग से यहां आश्रम पहुंचे। शुक्रवार सुबह उन्हें नेपाल किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जाना था, इसी बीच अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई।