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हल्द्वानी: दिमागी बुखार से दो लोगों की मौत, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में मचा हड़कंप

Mon, 03 Sep 2018 09:50 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
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मस्तिष्क बुखार (जापानी इंसेफेलाइटिस) ने सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती एक और मरीज की जान ले ली है। इससे पूर्व लालकुआं की नगीना कॉलोनी निवासी जानशेर खान की पांच वर्षीय बेटी अल्तिफा की भी बुखार के चलते सुशीला तिवारी अस्पताल में रविवार सुबह पौने सात बजे मौत हो गई थी। इसके साथ ही बुखार से अब तक मरने वालों की संख्या दो हो गई है। मस्तिष्क बुखार का एक मरीज अभी मेडिसिन वार्ड में भर्ती है। इसी बीमारी से पीड़ित आईटीबीपी जवान को डिस्चार्ज होकर चला गया है।

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 कालाढूंगी निवासी राजेंद्र प्रसाद (85) को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तेज बुखार से पीड़ित थे। उन्होंने भर्ती होने के 14 घंटों के भीतर ही दम तोड़ दिया। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राजेंद्र जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे। आईटीबीपी में कार्यरत सद्दाम हुसैन (25) अपने घर बाजपुर आया था और बीमार पड़ गया। उनकी पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में है। सद्दाम मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार के अंडर में भर्ती था। डॉ. कुमार ने बताया कि सद्दाम जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित था। स्वस्थ होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। दीवान सिंह (28) निवासी ऊधमसिंह नगर भी जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित हैं। सभी मरीजों की वायरोलाजी लैब में जांच कराई गई थी।

दिमाग में आ जाती है सूजन
हल्द्वानी। मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस में दिमाग में सूजन आ जाती है। जबकि, मेनेजाइटिस में दिमाग के चारों ओर बनी झिल्लियों में सूजन आ जाती है। उन्होंने बताया कि मेनेजाइटिस कई कारण से हो सकती है। दोनों में सीरम और ब्रेन फ्लूड की जांच कराई जाती है।
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जापानी इंसेफेलाइटिस से एक बुजुर्ग की मौत हुई थी। रिपोर्ट में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी जबकि एक मरीज ठीक होकर चला गया और एक अभी मेडिसिन वार्ड में भर्ती है। बुखार के बहुत अधिक मामले आ रहे हैं। इसलिए सभी की जांच कराई जा रही है।
-डॉ. अरुण जोशी, एमएस, एसटीएच

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लालकुआं पीलिया बिगड़ने से बच्ची की मौत

डेमो - फोटो : डेमो
मलिन बस्ती नगीना कॉलोनी में बुखार से पीडित पांच वर्षीय बच्ची की मौत के 36 घंटों बाद ही बंगाली कॉलोनी में एक और बच्ची की एसटीएच मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि पीलिया बिगड़ने और लीवर फेल होने से उसकी जान गई। वह दस दिन से सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती थी।

रक्षाबंधन के दिन गाजियाबाद निवासी संजय सिंह की पत्नी पायल अपनी छह साल की बेटी प्राची को लेकर बंगाली कॉलोनी में अपने भाई आकाश माथुर के घर आई थी। शनिवार को बच्ची की तबीयत खराब हुई तो उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। रविवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  एसटीएच में बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय आर्या ने बताया कि प्राची दस दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। उसका पीलिया बिगड़ गया था और पीलिया दिमाग तक पहुंच गया था। पीलिया के कारण उसका लीवर फेल हो गया था और रविवार शाम उसकी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे किया
एसडीएम एपी बाजपेयी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को नगर से सटी मलिन बस्तियों का दौरा कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और स्वच्छता बरतने के निर्देश दिए। मोटाहल्दू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. गोपाल कर्नाटक, डॉ. लव पांडे, गोविंदी भैसोड़ा और कौशल्या पांडे ने बताया कि गाजियाबाद से आई बच्ची को पहले से ही पीलिया था। उसका इलाज गाजियाबाद में चल रहा था। जबकि दूसरी बच्ची नगीना कॉलोनी निवासी अल्तिफा पुत्री जानशेर की बुखार से मौत की पुष्टि हुई है। टीम ने संक्रामक रोगों के पनपने का कारण बताते हुए 40-50 घरों में सर्वे किया तो खांसी जुकाम के रोगी मिले। क्षेत्र पानी का संकट है। लोग पानी स्टोर कर एक सप्ताह तक प्रयोग कर रहे हैं। लोगों से साफ सफाई रखने और मच्छरों से बचाव की अपील की है। जागरूकता के लिए सप्ताह में दो बार टीमें भेजी जाएंगी।
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