उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का हल शांति से निकालने के प्रयास करने चाहिए। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि वाराणसी में धर्म संसद आयोजित होगी। इसमें देश भर के संत अपने चिंतन से राम मंदिर निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे और ठोस प्रस्ताव पास कर राम मंदिर निर्माण के लिए काम करेंगे।
राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को आपसी समन्वय बनाकर इस मुद्दे का हल जल्द से जल्द निकालना चाहिए क्योंकि अब बहुत देर होती जा रही है। राम मंदिर के लिए समस्त संत समाज एक है। आगामी 26 और 27 नवंबर को वाराणसी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज की अध्यक्षता में धर्म संसद बुलाकर देश का संत समाज राम मंदिर निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास करेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मात्र राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीति कर रही है। इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को जल्द से जल्द अध्यादेश लाना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष महंत देवानंद सरस्वती ने कहा कि संत समाज संगठित होकर राम मंदिर निर्माण को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है। मोदी सरकार में ही मंदिर का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म समुदाय के लोगों को विश्वास में लेकर जल्द से जल्द मंदिर निर्माण का रास्ता निकालना चाहिए। सरकार को इस मसले पर जल्द ही फैसला लेना चाहिए।
राम मंदिर निर्माण एवं जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने के लिए संतों ने बिगुल फूंक दिया है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद महाराज रविवार को रुड़की के लक्ष्मी नारायण मंदिर के सम्मुख गंगा घाट पर एक दिवसीय सांकेतिक उपवास रखेेंगे। उनके उपवास को कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने समर्थन दिया है।
विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच, धर्म जागरण मंच, बजरंग दल, सनातन धर्म सभा, गौशाला सभा, संस्कार भारती, भारत विकास परिषद, विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय संत समिति, हिंदू रक्षा सेना, हिंदू युवा वाहिनी, कर्म योगी, सेवा समिति अखिल भारतीय साधु परिषद, अखिल भारतीय साध्वी परिषद समेत कई सामाजिक संस्थाओं ने यतींद्रानंद गिरि महाराज को समर्थन दिया है। उपवास में शामिल होने के लिए अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता श्री हठयोगी महाराज, स्वामी रुपेंद्र नंद महाराज, डासना काली मंदिर से ब्रह्मगिरि जी, कात्यायनी पीठ के महंत स्वामी आत्मानंद गिरि सहित अनेक संत यतींद्रानंद गिरि जी महाराज को समर्थन देने रुड़की पहुंचेंगे। यतींद्रानंद के उपवास को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सहारनपुर के मंडलायुक्त ने भी महामंडलेश्वर से मुलाकात की है।