राजकीय शिक्षक संघ ने 40 शिक्षकों के तबादलों में मनमानी का आरोप लगाते हुए इन्हें निरस्त करने सहित अन्य मांगों पर अमल नहीं होने पर बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। तीन मार्च से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। यदि शिक्षक बहिष्कार पर गए तो परीक्षाएं प्रभावित होंगी।
राजकीय शिक्षक संघ के गढ़वाल मंडल के अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा ने कहा कि एलटी से प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति में देरी हो रही है। प्लान के स्कूलों में शिक्षकों को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। सीआरसी, बीआरसी के पदों पर नियुक्ति का मामला लटका है। विकल्पधारी शिक्षक उत्तर प्रदेश के लिए कार्यमुक्त नहीं हो पाए हैं।
शारीरिक शिक्षा अनिवार्य विषय के रूप में लागू नहीं हो पाई है। 29 ए के तहत शिक्षकों के तबादले भी नहीं हुए। राणा ने कहा कि यदि सभी मांगें नहीं मानी गईं तो शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार करेंगे।
इनका है कहना
विभाग ने हमारी एक भी मांग पर अमल नहीं किया, इससे शिक्षकों में नाराजगी है। गढ़वाल मंडल में संगठन से करीब तीस हजार से अधिक शिक्षक जुड़े हैं। यदि मांगें नहीं मानी तो हम परीक्षाओं का बहिष्कार करेंगे।
-रविंद्र सिंह राणा, मंडल अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ
शिक्षकों की जो भी मांगे हैं वह शासन स्तर की हैं। इन मांगों पर अमल के लिए निदेशालय और शासन से अनुरोध किया गया है।
-रामकृष्ण उनियाल, अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल